जबलपुर : तीन श्रमिक एक्सप्रेस से आए 955 श्रमिकों को 27 बसों से अन्य जिलों के लिए भेजा गया - GRAMEEN SANDESH

BREAKING

जबलपुर : तीन श्रमिक एक्सप्रेस से आए 955 श्रमिकों को 27 बसों से अन्य जिलों के लिए भेजा गया

अंतर्राज्यीय बस स्टैण्ड से रवाना हुए 350 श्रमिक
श्रमिकों के लिए राज्य शासन ने किए बेहतर इंतजाम
जबलपुर 
कोरोना संक्रमण के चलते प्रदेश के श्रमिकों और प्रवासी श्रमिकों के लिए राज्य शासन द्वारा बेहतर इंतजाम किए गए हैं। इन श्रमिकों के लिए अस्थाई ठहरने की व्यवस्था, भोजन, पेयजल और परिवहन की व्यवस्था नि:शुल्क की गई है।
 गुरूवार 14 मई को जबलपुर तीन श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेनों के द्वारा 955 श्रमिक आए। इन श्रमिकों को जबलपुर रेल्वे स्टेशन में पहुंचाकर ट्रेन आगे रीवा के लिए रवाना हो गई। तीनों ट्रेन महाराष्ट्र के पुणे, नासिक और पनबेल से रवाना होकर यहां आई। जिला प्रशासन ने इन 955 श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं थर्मल स्क्रीनिंग कर भोजन और पानी उपलब्ध कराया। उन्हें 27 बसों से अन्य जिलों पन्ना 143 श्रमिकों को भेजा गया। इसी तरह दमोह 68, टीकमगढ़ 20 श्रमिकों, छतरपुर 78, सागर 102, बालाघाट 97, छिंदवाड़ा 65, नरसिंहपुर 27, सिवनी 46, मण्डला 22, और उमरिया 16 श्रमिकों को भेजा गया। जबलपुर जिले के 57 श्रमिक तथा अन्य जिलों के 62 श्रमिक भी आए। अनुविभागीय दण्डाधिकारी शाहिद खान ने बताया कि अंतर्राज्यीय बस स्टैंड जबलपुर से 350 श्रमिकों को बसों द्वारा अन्य जिलों के लिए भेजा गया। 
 14 मई तक जबलपुर जिले में श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेनों और बसों से आए 7597 श्रमिकों को अन्य जिलों में उनके गृह स्थान तक राज्य शासन द्वारा बसों से पहुंचाया गया है। जबलपुर जिले में रहने वाले करीब 800 श्रमिकों को अन्य प्रांतों और जिलों से श्रमिक ट्रेनों और बसों से वापस लाकर घरों तक पहुंचाया गया। अन्य माध्यमों से जबलपुर पहुंचने वाले श्रमिकों के लिए भी राज्य शासन द्वारा बेहतर इंतजाम किए गए हैं।  
कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रवासी श्रमिकों को बसों से गुजरात, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ प्रांतों और मध्यप्रदेश के अन्य जिलों से वापस लाया गया। 
 श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेनों द्वारा गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश प्रांतों से तथा अकोला, औरंगाबाद, बंगलौर, पुणे और कोल्हापुर से श्रमिकों को लाया गया। इन्हें छिंदवाड़ा, बुरहानपुर, पन्ना, डिंडोरी, खण्डवा, खरगौन, हरदा, सिवनी, नरसिंहपुर, उमरिया, कटनी, मुरैना, श्योपुर, भिण्ड, सागर, दमोह, टीकमगढ़, गुना, सतना, सीधी, शहडोल, सिंगरौली, रीवा, छतरपुर, आगर मालवा, अनूपपुर, बालाघाट, मण्डला, विदिशा भेजा गया।
 ट्रेनों और बसों द्वारा वापस लाए गए तथा जबलपुर लाकर मध्यप्रदेश के अन्य जिले में भेजे जा रहे सभी प्रवासी श्रमिकों के लिए सुविधाओं का नि:शुल्क बेहतर इंतजाम राज्य शासन द्वारा किया जा रहा है। उनके लिए पेयजल और भोजन का पर्याप्त इंतजाम किया गया। चिकित्सकों की टीम स्क्रीनिंग कर रही है। छह अनुविभागीय दण्डाधिकारियों सहित तहसीलदार और राजस्व अधिकारी श्रमिकों को पूरी सुविधा के साथ उनके गृह स्थान तक पहुंचाने में रात-दिन लगे हैं। 8-8 घंटे की तीन शिफ्टों में अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमें कार्य कर रही है।


Pages