कर्मियों की सेवा में एक्सटेंशन खत्म, भ्रष्टों की भी होगी छंटनी, पंजाब कैबिनेट के अन्य फैसले - GRAMEEN SANDESH

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कर्मियों की सेवा में एक्सटेंशन खत्म, भ्रष्टों की भी होगी छंटनी, पंजाब कैबिनेट के अन्य फैसले


 

पंजाब में रिटायरमेंट उम्र 58 साल करने के बाद अब सोमवार को पंजाब सरकार ने रिटायरमेंट के बाद मुलाजिमों को दिए जाने वाले इच्छुक (ऑप्शनल) सेवा विस्तार की नीति को भी खत्म करने का फैसला किया है।
 

सीएम के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने इस नीति को बदलने के लिए पंजाब सिविल सर्विसेज रुल्स में संशोधन को मंजूरी दे दी। इसके अलावा सभी मंत्रियों को अपने-अपने विभागों में भ्रष्ट और निकम्मे मुलाजिमों की पहचान करके उनकी छंटनी करने को भी कहा गया है। 

प्रवक्ता ने बताया कि रिटायरमेंट की उम्र घटाने के फैसले को लागू करने के लिए पंजाब सिविल सर्विसेज रुल्स खंड में संशोधन की जरूरत थी। इस फैसले से ऐसे सभी मुलाजिम 31 मार्च 2020 को रिटायर हो जाएंगे जो इच्छुक सेवा विस्तार के दूसरे साल में हैं या फिर उनकी उम्र 59 या 61 साल की है।

साथ ही जिन मुलाजिमों का इच्छुक सेवा विस्तार पहली अप्रैल 2020 से शुरू होने वाला था या फिर उनकी उम्र 58 या 60 साल की, वे भी 31 मार्च को रिटायर हो जाएंगे। साथ ही जिन मुलाजिमों का इच्छुक सेवा विस्तार कुछ अंतराल से शुरू होना था, वे सभी 30 सितंबर 2020 को सेवामुक्त होंगे। 


अनाज खरीद पर कैबिनेट सब-कमेटी का गठन


पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अनाज की खरीद प्रक्रिया में उत्पन्न वित्तीय अंतर को सुलझाने के लिए कैबिनेट सब-कमेटी का गठन किया है। तीन-सदस्यों वाली इस सब-कमेटी में वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा और खाद्य एवं सिविल सप्लाइज मंत्री भारत भूषण आशु को शामिल किया गया है।

इस कमेटी को वित्तीय अंतर को ख़त्म करने के लिए रूपरेखा बनाने पर काम करने के लिए कहा गया है, जिन्हें बजट प्रावधान द्वारा निपटाया जाएगा। यह कमेटी प्रस्तावित ‘पंजाब फूड ग्रेन्ज़ लेबर एंड कार्टेज़ पॉलिसी, 2020-21’ में और अधिक पारदर्शिता और कुशलता लाने के लिए सुझाव देगी। प्रवक्ता के मुताबिक, इस कदम से जहां सभी हिस्सेदारों को बराबर मौके मुहैया करवाने को यकीनी बनाया जा सकेगा, वहीं वित्तीय अंतर को घटाने में भी मदद मिलेगी।

पंजाब स्व: सहायता सहकारी सभाएं नियम-2019 को मंज़ूरी
पंजाब मंत्रिमंडल ने सोमवार को स्व: सहायता प्राप्त सहकारी सभाओं को स्वैच्छिक गठन कर स्वतंत्र, स्वनिर्भर और लोकतांत्रिक व्यापारिक संस्थाएं बनाने के लिए ‘पंजाब स्व: सहायता सहकारी संभाएं नियम-2019’ को मंज़ूरी दे दी है। इससे यह संस्थाएं बाहरी दखलंदाजी से मुक्त होंगी। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह नियम ‘पंजाब स्व: सहायता सहकारी सभाएं एक्ट-2006’ के उद्देश्यों को प्राप्त करने में सहायता करेंगे।

उन्होंने कहा कि यह नियम पंजाब के गजट नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख से लागू होंगे। यह नियम स्व-सहायता सहकारी सभाओं के रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदनों के फार्म, प्राथमिक सहकारी सोसायटी को स्व-सहायता सहकारी सभा में तबदील करने और स्व-सहायता सहकारी सोसायटी के उप-कानूनों में संशोधन में सहायता करेंगे।

इन नियमों में कर्जे और घाटे, सोसायटी के कर्ज न वापस करने वाले सदस्यों की सूची जारी करने संबंधी निर्देश भी शामिल हैं। यह नियम सोसायटी के बोर्डों के डायरेक्टरों का चयन, झगड़े के निपटारे, पंचाट परिषद के अधिकारियों की फीस, पंचाट परिषद के रिकॉर्ड की संभाल, तारीख, समय और सुनवाई के स्थान, रिपोर्टें जमा कराने और फंड जमा करने के लिए स्व-सहायता सहकारी सभा के काम को जोनों में बांटने और ऋण चुकाने वालों के खातों का प्रबंध करने को यकीनी बनाएंगे।

 



पंजाब सरकार बाजार से और लेगी 928 करोड़ का कर्ज


मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में मंत्रिमंडल द्वारा पंजाब वित्तीय ज़िम्मेदारी और बजट प्रबंधन एक्ट-2003 में संशोधन करने का फ़ैसला किया है जिससे कुल राज्य घरेलू उत्पादन (जीएसडीपी) की तीन प्रतिशत की उधार सीमा के अलावा वर्ष 2019-20 के लिए 928 करोड़ रुपये का अतिरिक्त उधार लेने के लिए राज्य को इजाज़त मिल सकेगी।

प्रवक्ता ने बताया कि मंत्रिमंडल ने पंजाब वित्तीय ज़िम्मेदारी और बजट प्रबंधन एक्ट-2003 की धारा-4 की उप धारा 2 के क्लॉज-ए में ज़रूरी संशोधन करने की मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को वित्तीय प्रबंधन में पेश आ रही मुश्किलों और वर्ष 2019-20 के दौरान केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी राशि की तबदीली में हुई कमी को ध्यान में रखते हुए राज्यों को राहत देने के लिए केवल एकमुश्त विशेष वितरण के तौर पर 29 राज्यों को वर्ष 2019-20 के दौरान उनकी प्रात्रता से परे 58,843 करोड़ का अतिरिक्त उधार लेने की मंजूरी दी गई है।

पंजाब वित्तीय ज़िम्मेदारी और बजट प्रबंधन (एफ.आर.बी.एम.) एक्ट-2003 राज्य सरकार द्वारा लिए जाने वाली उधार रकमों, ऋणों और घाटों की सीमाएं निर्धारित करके राज्य सरकार की वित्तीय कार्यवाहियों में और अधिक पारदर्शिता लाकर और मध्यम अवधि के ढांचे संबंधी राजस्व नीति अपनाकर पर्याप्त राजस्व आय प्राप्त करके और राजस्व घाटे ख़त्म करके और वित्तीय तौर पर बने रहने की योग्यता के अनुरूप संयमी ऋण प्रबंध अपनाकर वित्तीय प्रबंध और इंटर जैनेरेशनल इक्वटी और दीर्घकालीन वित्तीय स्थिरता को यकीनी बनाने सम्बन्धी राज्य सरकार की ज़िम्मेदारी के लिए उपबंध करने के लिए और उससे आकस्मिक तौर पर या जुड़े हुए मामलों के लिए बनाया गया था। तेरहवें वित्त आयोग की सिफ़ारशों के अनुसार वर्ष 2011 में इस एक्ट में आखिरी संशोधन किया गया था।



सभी निजी व सरकारी अस्पतालों में बनाए जाएंगे ‘फ्लू कॉर्नर’


जानलेवा साबित हो चुके कोरोना वायरस के बढ़ रहे प्रकोप और ख़ौफ़ से निपटने के लिए पंजाब सरकार ने सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में ‘फ्लू कॉर्नर’ स्थापित करने समेत आपातकालीन कदम उठाने का ऐलान किया है। यह ‘फ्लू कॉर्नर’ सांस से संबंधित इन्फ़ेक्शन के सभी संदिग्ध मामलों की जल्द से जल्द जांच करेंगे और ऐसे संदिग्ध व्यक्तियों के घुमने-फिरने को सीमित कर इस रोग के फैलाव को रोकने का प्रयास करेंगे।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की मीटिंग के दौरान वैश्विक स्तर पर फैले इस महारोग से पैदा हुई स्थिति का जायज़ा लिया गया। यहां तक कि दिल्ली और तेलंगाना से एक-एक मरीज़ के इस रोग से पीड़ित होने की पुष्टि होने संबंधी रिपोर्टें पर भी चर्चा हुई। मंत्रिमंडल की मीटिंग के बाद सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि ऐपीडैमिक डिज़ीज़ एक्ट-1897 की धारा 2, 3 और 4 के घेरे अधीन ‘पंजाब ऐपीडैमिक डिज़ीज़, कोविड-19 रैगूलेशनज़-2020’ को मंजूरी दे दी है, जिससे कोविड-19 (कोरोना वायरस डिज़ीज़-2019) को रोका जा सके। इस संबंधी नोटिफिकेशन जल्द ही जारी कर दिया जाएगा।

किसी भी प्राइवेट लेबोरटरी को कोविड-19 का टैस्ट करने या सैंपल लेने के लिए अधिकृत नहीं किया गया। कोई भी व्यक्ति या संस्था स्वास्थ्य विभाग की अग्रिम मंजूरी के बगैर कोविड-19 संबंधी किसी भी तरह की जानकारी देने के लिए किसी भी रूप में प्रिंट या अन्य मीडिया को इस्तेमाल नहीं करेगी। प्रवक्ता ने आगे बताया कि किसी भी तरह की अफ़वाह या ग़ैर-वैज्ञानिक जानकारी मुहैया करवाना दंडनीय अपराध होगा। अस्पतालों को हिदायत की जा रही है कि संदिग्ध व्यक्ति के किसी ऐसे मुल्क या इलाके, जहां इस रोग के फैलने की रिपोर्टें हैं, की यात्रा संबंधी पता लगाया जाए।

यदि वह कोविड-19 के संदिग्ध या पुष्टि हो चुके केस के संपर्क में आया है तो उस बारे भी विस्तार में जानकारी एकत्रित की जाए। यदि किसी व्यक्ति ने पिछले 14 दिनों के दौरान कोविड-19 से प्रभावित क्षेत्र की यात्रा की है या किसी प्रभावित व्यक्ति के संपर्क में आया है तो उस व्यक्ति को अस्पताल में अलग रखा जाएगा और उस डॉक्टर/अस्पताल /क्लीनिक द्वारा स्वास्थ्य विभाग को तुरंत सूचित करना लाज़िमी होगा। कोविड-19 से प्रभावित देश या क्षेत्र की यात्रा करके लौटे व्यक्तियों के लिए ख़ुद नज़दीकी सरकारी अस्पताल या हेल्पलाइन नंबर-104 पर कॉल करके अपनी यात्रा बारे जानकारी देना लाजिमी है। इस संबंध में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में एक समिति बनाकर नोटीफाई की गई है, जिसमें एसएसपी, सिविल सर्जन और ज़िले के अन्य अधिकारी शामिल होंगे।


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