हरियाणा की भाजपा सरकार में सामने आए घोटालों को लेकर कांग्रेस विधायकों ने सड़क से लेकर सदन तक हंगामा किया। इससे प्रश्नकाल भी 19 मिनट तक बाधित रहा। कांग्रेस विधायक सुबह 10:15 बजे हाईकोर्ट चौक से पैदल मार्च करते हुए विधानसभा के बाहर पहुंचे। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदर्शन की अगुवाई की। विधायकों ने हाथों में एचएसएससी भर्ती, खनन, किलोमीटर स्कीम, धान खरीद व मीटर खरीद घोटालों की तख्तियां हाथों में ली हुई थीं और बैनर पहने हुए थे। पुलिस ने उन्हें विधानसभा के पार्किंग गेट पर रोक दिया।
विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अंदर जाने की मांग की। पुलिस ने उन्हें नहीं जाने दिया। विधायकों ने जोर आजमाइश कर गेट खोलने की कोशिश की, मगर कामयाब नहीं हुए। हुड्डा के आग्रह पर पुलिस ने काफी देर बाद आगे जाने दिया। इसके बाद कांग्रेस विधायक नारे लगाते हुए विधानसभा के प्रवेश द्वार पर पहुंचे। तख्तियां व बैनर विधायकों ने बाहर उतारे और सदन में पहुंचकर नेता प्रतिपक्ष ने बाहर रोकने का मुद्दा उठाया। सदन में भी विपक्ष ने नारेबाजी की और इसे तानाशाही बताया। काफी देर तक स्पीकर से बहस होती रही।
कांग्रेस विधायक वेल तक पहुंच गए और पूछा कि किसके कहने पर रोका। स्पीकर ने कहा कि उन्होंने बैनर व पोस्टर लेकर आने से मना किया था। हुड्डा ने कहा कि यह विशेषाधिकार हनन है। पार्किंग गेट पर रोकने वालों पर कार्रवाई हो। सरकार की तरफ से अनिल विज ने सदन में जैसी करनी, वैसी भरनी के नारे लगाए। स्पीकर ने हंगामा बढ़ता देख जांच कराने का आश्वासन देते हुए मामला शांत कराया।